वर्तमान में वैश्विक बाजार एवं विभिन्न आर्थिक क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित रोजगारोन्मुखी एवं प्रतिस्पर्धात्मक मानवीय संसाधनों की मांग को दृष्टिगत रखते हुए शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा विद्यालय शिक्षा हेतु राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 के अंतर्गत सन 1988 में व्यावसायिक शिक्षा योजना का शुभारंभ किया गया। इसके माध्यम से 10000 विद्यालयों के लगभग 10 लाख विद्यार्थियों को व्यवसायिक शिक्षा प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था | विद्यार्थियों की सीखने की अधिकतम क्षमता को दृष्टिगत रखते हुए विद्यालय शिक्षा में संशोधित योजना वोकेशनलाइजेशन का सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी एजुकेशन का फ्रेमवर्क तैयार किया गया। माध्यमिक शिक्षा के सार्वजनिक एवं संशोधित व्यावसायिक शिक्षा योजना के संदर्भ में भारत सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2014-15 से राजस्थान के 11 जिलों के 70 राज्य के विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा योजना के प्रारंभ की गई।

इस योजना के तहत प्रत्येक विद्यालय में प्रत्येक विद्यार्थी कम से कम एक व्यवसाय से जुड़े कौशलों को सीखे और  अन्य व्यवसायों  से परिचित हो |

इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2025 तक विद्यालय और उत्तर शिक्षा प्रणाली के माध्यम से कम से कम 50% विद्यार्थियों को व्यवसायिक शिक्षा का अनुभव प्रदान किया जाएगा

चरणबद्ध तरीके से अगले दशक 2021 से 2030 में माध्यमिक शिक्षा के सभी विद्यालयों में शैक्षणिक विषयों में व्यावसायिक शिक्षा को एकीकृत किया जाएगा |

राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न सेक्टर के पाठ्यक्रम में एकरूपता लाने हेतु नेशनल स्किल क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क द्वारा लेवल तैयार किए गए हैं नेशनल स्किल क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क के अनुसार व्यावसायिक शिक्षा योजना के 10 लेवल है इनमें प्रथम चार लेवल, लेवल 1 से लेवल चार विद्यार्थी शिक्षा के अंतर्गत कक्षा 9 से 12 के लिए है |

इस योजना के अंतर्गत विद्यालय में सत्र 2018-19 में दो ट्रेड संचालित किये गए 
1.इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर  2. टेलीकम्यूनिकेशन 
जिस के अंतर्गत विद्यार्थियों को इन ट्रेड के क्षेत्र में सम्पूर्ण जानकारी देने तथा प्रैक्टिकल ज्ञान देने के लिए दो व्यावसायिक प्रशिक्षक नियुक्त किये गए |
इमरान खान – B Tech ( Electrical Engineer )
नरेन्द्र कुमार - B Tech ( Electronics & Communication Engineer )